Buddha
बुद्ध
बुद्ध: "जहाँ पर साधारण जीवन की आपाधापी में मनुष्य सुख की खोज में दौड़ता है, वहीं अपने भीतर के शान्ति के स्रोत को अनदेखा कर देता है। 'बुद्ध' का अर्थ है 'जागरूक'—वह व्यक्ति जिसने अपनी स्वाभाविक स्थिति को पहचान लिया है। यह पहचान केवल बाहरी संसार की उपभोगिता में नहीं, बल्कि आंतरिक समर्पण और संवेदनशीलता में निहित है। जब हम अपने मन के अज्ञान के илाज के लिए अंतिम सत्य की खोज में निकलते हैं, तब हमें आंतरिक शांति का वास्तविक स्वरूप दिखता है। दुख मायावी है और आनंद क्षणिक; परन्तु जो व्यक्ति इन दोनों के पार जाकर अद्वितीय स्थिति की ओर बढ़ता है, वही 'बुद्ध' कहलाता है। ज्ञान और करुणा का संगम उसे समस्त जीवों के प्रति एक अपार प्रेम की स्थिति में लाता है। जब हम अपने अस्तित्व की अपरिमेयता को समझते हैं, तब हम आत्म-ज्ञान की ओर अग्रसर होते हैं। इस ज्ञान की मदद से, हम अपने आस-पास की दुनिया को एक नए दृष्टिकोन से देख सकते हैं, जहाँ नकारात्मकता की परछाईं को अपने सामर्थ्य द्वारा हराया जा सकता है। 'बुद्ध' वह मार्गदर्शक है जो मनुष्य को उसके धुंधले मन से बाहर लाकर उसकी आत्मा को उसकी अनंत संभावनाओं की ओर ले जाता है। सत्य की राह पर चलना, साधारण भावनाओं से मुक्त हो कर अपनी अंतरात्मा के प्रति स्पष्टता से देख पाना—यही है जीवन का उच्चतम उद्देश्य।"
